Saturday, 18 July 2020

फिर किसी अहिल्या को पत्थर बनाया जाएगा

काफिया - अर
रदीफ - बनाया जाएगा ।
अर्कान - फाईलातुन फाईलातुन
फाईलातुन फाईलातुन ।
2122  2122 2122 212
मिसरे का प्रयोग मतला में वर्जित है ।
फिर किसी अहिल्या को पत्थर बनाया जाएगा।

तोड़कर हर झोपड़ी  खँडहर बनाया जाएगा ।  
फिर  किसी मजबूर को बेघर बनाया जाएगा  ।

ताक पर रखकर नियम ऊल्लू बनाते दीन को।
घात दिल में, हाल अब बद्तर बनाया जाएगा ।

कोमलांगी वह कली, नस्तर  चुभाया  उसे ।
 दण्ड दे कर दुष्ट को बे पर बनाया जाएगा ।।

माँगते जो वोट मंदिर और मस्जिद के लिए ।
मतलबी को देश का रहबर बनाया जाएगा।।
 
दाग ऐसा लग गया आँचल में उसके झूठ का ।
फिर किसी अहिल्या को पत्थर बनाया जाएगा।

जब कहीं मस्जिद  कहीं मंदिर हुए नापाक तो। 
घातकी इस चाल को बवंडर बनाया जाएगा।

हर पहर तो प्राण है सबके अधर सुन उषा  । 
मौज हो  दिल नेह का निर्झर बनाया जाएगा ।।

उषा झा देहरादून

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